- कंगाली में आटा गीला --मुसीबत पर मुसीबत आना
- तीन लोक से मथुरा न्यारी --सबसे निराला
- आँखों का तारा – बहुत प्यारा
- इतिश्री करना -- कर्तव्य पूरा करना
- आँखें बिछाना – स्वागत करना
- उल्लू बोलना -- उजाड़ होना
- आँखों में धूल झोंकना – धोखा देना
- उड़ाती चिड़िया के पंख पहचानना
- आग बबूला होना – अत्यधिक क्रोध करना
- ऐसी तैसी करना -- अपमानित करना
- आस्तिन का सांप होना – कपटी मित्र
- एक ही लकड़ी से हाँकना-- अच्छे बुरे की पहचान न करना
- आँखें दिखाना – धमकाना
- औकात पहचानना -- सामर्थ्य पहचानना
- आसमान टूट पड़ना – अचानक मुसीबत आ जाना
- औंधे मुंह गिरना -- धोका खाना
- आसमान पर दिमाग होना – अहंकारी होना
- कलेजा धक धक करना -- भयभीत करना
- ईंट का जवाब पत्थर से देना – करारा जवाब देना
- घर फूंक तमाशा देख़ना-- पल भर के आनन्द के लिए बहुत अधिक ख़र्च करना
- हुक्का पानी बंद करना --जाती से बाहर करना
- ईद का चाँद होना – बहुत कम दिखाई देना
- घर मे गंगा बहना -- अछि चीज घर मे ही मिलना
- ईंट से ईंट बजाना – ध्वस्त कर देना
- घोड़े पर चढ़े आना -- उतवाली में चले आना
- उल्टे छुरे से मूंढ़ना – ठग लेना
- उड़ती चिड़िया के पंख गिनना – अत्यन्त चतुर होना
- ऊंट के मुंह में जीरा होना – अधिक खुराक वाले को कम देना
- घट में बसना -- मन मे बसना
- एड़ी चोटी का जोर लगाना – बहुत प्रयास करना
- ओखली में सिर देना – जान बूझकर मुसीबत मोल लेना
- औधी खोपड़ी का होना – बेवकूफ होना
- घर काटे खाना -- घर मे कोई न होने से अकेला पन अखर जाना
- कलेजा ठण्डा होना – शांत होना
- कलेजे पर पत्थर रखना – दिल मजबूत करना
- कलेजे पर सांप लोटना – अन्तर्दाह होना
- कलेजा मुंह को आना – घबरा जाना
- काठ का उल्लू होना – मूर्ख होना
- कान काटना – चतुर होना
- चांदी चांदी का जूता मारना-- रिसवत या घूस देना
- कान खड़े होना – सावधान हो जाना
- काम तमाम करना – मार डालना
- कुएं में बांस डालना – बहुत खोजबीन करना
- छाह न छूने देना --पास ना आने देना
- कलई खुलना – पोल खुलना
- कलेजा फटना – दुःख होना
- कीचड़ उछालना – बदनाम करना
- खून खौलना – क्रोध आना
- छक्का पंजा भूलना-- कुछ भी याद ना रहना
- खून का प्यासा होना – प्राण लेने को तत्पर होना
- खाक छानना – भटकना
- खटाई में पड़ना – व्यवधान आ जाना
- जिंदगी के दिन पूरे करना --कठिनाई में समय बिताना
- गाल बजाना – डींग हांकना
- गूलर का फूल होना – दुर्लभ होना
- गांठ बांधना – याद रखना
- जी खट्टा होना-- बिरत होना
- गुड़ गोबर कर देना – काम बिगाड़ देना
- घाट -घाट का पानी पीना – अनुभवी होना
- घी के दिए जलाना – प्रसन्न होना
- जहर की पुड़िया -- झगड़ालू औरत
- घुटने टेकना – हार मानना
- घड़ों पानी पड़ना – लजिज्त होना
- चाँद का टुकड़ा होना – बहुत सुंदर होना
- चिकना घड़ा होना – बात का असर न होना
- जी भर आना --दुखी होना
- चांदी काटना – अधिक लाभ कमाना
- चांदी का जूता मारना – रिश्वत देना
- तीन तेरह करना --गायब करना तितर-बितर करना
- छक्के छुड़ाना – परास्त कर देना
- छप्पर फाड़कर देना – अनायास लाभ होना
- छटी का दूध याद आना – अत्यधिक कठिन होना
- थूक कर चाटना --त्यक्त वस्तु को पुनः ग्रहण करना
- छाती पर मूंग दलना – पास रहकर दिल दु:खाना
- छूमन्तर होना – गायब हो जाना
- छाती पर सांप लोटना – ईर्ष्या करना
- दाहिना हाथ --महत्वपूर्ण संबल
- जबान को लगाम देना – सोच समझकर बोलना
- जान के लाले पड़ना – प्राण संकट में पड़ना
- जी खट्टा होना – मन फिर जाना
- नाक भाव चढ़ाना-- असंतोष प्रकट करना
- जमीन पर पैर न रखना – अहंकार होना
- जहर उगलना – बुराई करना
- पेट में दाढ़ी होना-- चालाक होना
- जान पर खेलना – प्राणों की बाजी लगाना
- टेढ़ी खीर होना – कठिन कार्य
- टांग अड़ाना – दखल देना
- टें बोल जाना – मर जाना
- पीठ पर हाथ रखना --पक्ष मजबूत बनाना
- ठकुर सुहाती कहना – खुशामद करना
- डकार जाना – हड़प लेना
- ढोल की पोल होना – खोखला होना
- पानी में आग लगाना-- असंभव कार्य करना
- तीन तेरह होना – बिखर जाना
- तलवार के घाट उतारना – मार डालना
- थाली का बैगन होना – सिद्धांतहीन होना
- फीका लगना-- हल्का प्रतीत होना
- दांत काटी रोटी होना – गहरी दोस्ती
- दो -दो हाथ करना – लड़ना
- बट्टा लगाना --कलंक लगाना
- धूप में बाल सफेद होना – अनुभव होना
- धाक जमाना – प्रभावित करना
- नाकों चने चबाना – बहुत सताना
- बखिया उधेड़ना --भेद खुलना
- नाक -भौं सिकोड़ना – अप्रसन्नता व्यक्त करना
- पत्थर की लकीर होना – अमिट होना
- बड़े घर की हवा खाना-- जेल जाना
- पेट में दाढ़ी होना – कम उम्र में अधिक जानना
- पौ बारह होना – खूब लाभ होना
- कालानाग होना – बहुत घातक व्यक्ति
- बल्लीयों उछलना-- बहुत ख़ुश होना
- केर -बेर का संग होना – विपरीत मेल
- धोंधा वसंत होना – मूर्ख व्यक्ति
- बासी कढ़ी में उबाल आना-- उचित समय बीत जाने पर इच्छा होना
- घूरे के दिन फिरना – अच्छे दिन आना
- चंडूखाने की बातें करना – झूठी बातें होना
- चंडाल चौकड़ी – दुष्टों का समूह
- भागीरथ प्रयत्न करना-- बहुत प्रयास करना
- छिछा लेदर करना – दुर्दशा करना
- टिप्पस लगाना – सिफारिश करना
- शहद लगाकर चाटना --किसी अमूल्य वस्तु को संभाल कर रखना
- टेक निभाना – प्रण पूरा करना
- तारे गिनना – नींद न आना
- हवा हो जाना --भाग जाना
- रीढ़ टूटना-- आधारहीन होना
- त्रिशंकु होना – अधर में लटकना
- मजा चखाना – बदला लेना
- रास्ता नापना --चले जाना
- मन मसोसना – विवश होना
- हाथ पसारना – मांगना
- हाथ मलना – पछताना
- लंगोटी बिकवाना --दरिद्र कर देना
- हालत पतली होना – दयनीय दशा होना
- सेमल का फूल होना – थोडें दिनों का असितत्व होना
- लौ लगाना --प्रेम में मग्न हो जाना
- सब्जबाग दिखाना – झूठी आशा देना
- भुजा उठाकर कहना – प्रतिज्ञा करना
- हाथ के तोते उड़ना – घबरा जाना
- ललाट में लिखा होना --भाग्य में बधा होना
- हवा के घोड़े पर सवार होना-- शीघ्रता करना
- शेर की सवारी करना --खतरनाक कार्य करना
- शिकंजा कसना-- नियंत्रण और कठोर करना
- जान के लाले पड़ना -- जान पर संकट आना
- चांद पर थूकना --भले व्यक्ति पर लांछन लगाना
- तलवे चाटना-- खुशामद करना
- टेढ़ी खीर --कठिन कार्य
- चेहरे पर हवाइयां उड़ जाना --डर जाना
- घोड़े बेचकर सोना --निश्चिंत होकर सोना
- थाह लेना --किसी गुप्त बात का भेद लेना
- झूमने लगना-- आनंद विभोर हो जाना
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© Md Kashif Hayat



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